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कोरोना योद्धा

इस महिला सरपंच ने 8 दिन लगाया हार्ड लॉकडाउन; इसका असर : अभी तक कोई भी कोरोना संक्रमित गांव में नहीं मिला

रिपोर्ट : यामिनी गौतम

पंचायती राज दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बात करके सरपंच प्रियंका रामदास मेदनकर सुर्खियों में आ गई। प्रियंका पुणे के खेड़ तहसील के तहत आने वाले मेदनकरवाड़ी ग्राम पंचायत की सरपंच हैं। प्रियंका ने गांव में कोरोना की एंट्री को जिस तरह रोका, उसकी प्रधानमंत्री ने भी तारीफ की है। प्रियंका ने अपने गांव में सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों को लागू करवाया।

प्रियंका ने बताया कि …

  • मार्च से जब लॉकडाउन लगाया गया, इसके बाद हमने पूरे गांव को आठ दिनों के लिए हार्ड लॉकडाउन कर दिया। अगले ही दिन से हमने पूरा गांव सोडियम डाईपोक्लोराइड से सैनिटाइज किया। इसके बाद दो जगहों पर सैनिटाइजेशन टनल लगाई। जहां पर ज्यादा लोगों की आवाजाही रहती है। इसके अलावा, एक संस्था से जुड़ी महिलाओं को मास्क बनाने के काम से जोड़ा। लोगों को घरों में मास्क पहनने के लिए प्रेरित किया। घर-घर सैनिटाइज करवाया।’
  • ‘संक्रमण रोकने के लिए गांव के लोगों का मॉर्निंग और इवनिंग वॉक बंद करवाया। इसे प्रभावी करने के लिए गांव में शाम की स्ट्रीट लाइट जल्दी बंद कर दी जाती है। इसका असर भी दिखा और अभी तक कोई भी कोरोना संक्रमित गांव में नहीं मिला है।
  • मैं हर एक-दो दिन में पूरे गांव में लाउडस्पीकर लेकर घूमती हूं और लोगों से कहती हूं कि वे घरों में रहे और लोग मेरी बात मान भी रहे हैं।
  • मैं जिस इलाके में रहती हूं वह औद्योगिक क्षेत्र में आता है। ऐसे में इलाके में 70 प्रतिशत ऐसे लोग हैं जो दूसरे राज्यों या शहरों से आकर बसे हैं। इनमें बड़ी संख्या में मजदूर और फैक्ट्री में काम करने वाले लोग हैं। जिनके पास राशनकार्ड हैं, उन्हें हम सीधे राशन उपलब्ध करवा रहे हैं। वहीं, जिन्हें राशन की दिक्कत है उन्हें स्थानीय लोगों और कंपनियों के सीएसआर फंड का इस्तेमाल कर खाना पहुंचाने का इंतजाम कराया।
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